नई दिल्ली। भारत जहां क्रिकेट को धर्म और क्रिकेटरों को भगवान की तरह पूजा जाता है, वहां जब कोई क्रिकेटर लोगों को धोखा देता है तो यह प्रशंसकों के लिए दिल तोड़ने वाली बात होती है। कई बार क्रिकेटर निजी स्वार्थ के लिए कुछ ऐसा कर जाते है, जो आगे चलकर पूरी क्रिकेट बिरादरी को शर्मसार कर जाती है। कुछ ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के इंदौर से आया है। इंदौर की एक अदालत ने भारत के एक पूर्व क्रिकेटर को धोखाधड़ी के आरोप में पांच हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया है।
क्या है पूरा माजरा-
इंदौर की एक अदालत ने भारत के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर को पांच हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। प्रभाकर के विरुद्ध यहां के जूनी थाने में लगभग पंद्रह वर्ष पहले कंपनी बनाकर धोखाधड़ी करने के आरोप मे एक प्रकरण दर्ज किया गया था। जिला सत्र न्यायलय के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (सीजेएम) हेमन्त अग्रवाल की अदालत में विचाराधीन मुकदमे में प्रभाकर जमानत पर थे, लेकिन वे लंबे समय से अदालत की सुनवाई में अनुपस्थित रहे थे।
गिरफ्तारी वारंट के बाद कोर्ट पहुंचे मनोज-
इस मामले में कोर्ट ने मनोज पर जमानती वारंट जारी किया था। लेकिन वो तब कोर्ट नहीं पहुंचे। बाद में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद मनोज शनिवार को अदालत के समक्ष उपस्थित हुए। अदालत ने मनोज को 50 हजार की जमानत का लाभ देकर रिहा तो कर दिया। लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी हाजिर न होने के कारण उन्हें पांच हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया है।
सालों पहले चिटफंड कंपनी बनाई थी मनोज ने -
मनोज प्रभाकर ने एक दशक पहले एक चिटफंड कंपनी खोली थी। इसकी एक शाखा इंदौर में भी थी। लोगों ने इस कंपनी में लाखों का निवेश किया था। लेकिन कंपनी बिना चुकाए ही बंद हो गई। इसके बाद कई लोगों ने पुलिस में शिकायत की थी। बता दें कि मनोज भारत के लिए 39 टेस्ट और 130 वनडे मैच खेल चुके है।
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