नई दिल्ली। करीब 40 लाख की आबादी वाला देश क्रोएशिया फीफा 2018 का उपविजेता बन कर इतिहास रच चुका है। पूरे टूर्नामेंट में करिश्माई प्रदर्शन करने वाले क्रोएशिया की टीम फाइनल में भले ही फ्रांस के हाथों हार गई हो, लेकिन इस टीम ने अपने प्रदर्शन से करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया। फाइनल से पहले इस खिताबी भिड़ंत में कांटे की टक्कर होने की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन क्रोएशिया की गलतियों पर फ्रांस ने अपने अनुभव के दम पर शानदार जीत दर्ज की। आईए जानें खिताबी मुकाबले में क्रोएशिया की हार के पांच अहम कारण क्या रहे ?
पहला गोल फ्रांस ने करके बनाया दबाव
लगातार तीन मैच अतिरिक्त समय में जीत फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण के फाइनल में पहुंची क्रोएशिया पहली बार फाइनल में जाने के मौके को जीत में नहीं बदल सकी। चार मैचों में एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करने वाली क्रोएशिया रविवार को कहीं न कहीं किस्मत की मारी रही। मैच का पहला गोल फ्रांस के हिस्से आया, लेकिन यह आत्मघाती गोल था जो क्रोएशिया के मारियो मांजुकिक ने किया। यह विश्व कप के फाइनल में हुआ पहला आत्मघाती गोल था जिसने क्रोएशिया को निराश कर दिया।
दूसरे हाफ में क्रोएशिया बिखरी
इसी गोल से क्रोएशिया की उल्टी गिनती शुरू हो गई। हालांकि ईवान पेरीसिक ने उसे बराबरी कर दी थी, लेकिन फ्रांस को 38वें मिनट में मिली पेनाल्टी ने कहीं न कहीं यह बता दिया था कि आज का दिन क्रोएश्यिा का नहीं है। अंत भी यही हुआ।पहले हाफ में जबरदस्त खेलने वाली क्रोएशिया दूसरे हाफ में फ्रांस द्वारा किए गए दो गोलों के सामने बिखर गई और पहले खिताब से चूक गई। क्रोएशिया ने बेशक हार झेली हो लेकिन वह दुनियाभर के फुटबाल प्रेमियों का दिल जीतने में सफल रही है।
पेनाल्टी देनी पड़ी भाड़ी
फ्रांस के दोनो फॉरवर्ड ग्रीजमैन, एमबापे और हाफ में पोग्बा ने कम प्रयास किए वे सफल रहें।एमबापे व पोग्बा के गोल ऐसे थे जिसके सामने क्रोएशयाई गोलकीपर के पास मौका नही था।ग्रीजमैन ने पूरे आक्रमण में ही नही डीफेंस में भी अच्छा सहयोग किया।क्रोएशया के खिलाडी मांडज्यूकिक के आत्मघाती गोल ने फ्रांस को मैच मैच में बढत दिलाई।38 वें मिनट में पेरिसिक के हाथ से टकराई जिकसके बात वार का इस्तेमाल कर फ्रांस को पेनाल्टी मिली जिस पर ग्रीजमैन ने गोलकर 2-1 से बढत ले ली।
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