
भारत में लंबे समय तक इक्विटी पर मिलने वाले डिविडेंड पर निवेशक को टैक्स नहीं देना पड़ता था। उसे टैक्स काटने के बाद ही डिविडेंड मिलता था। बाद में इस पर दो तरह से टैक्स लगने लगा। पहला, कोई भारतीय कंपनी शेयर होल्डर को डिविडेंड देती है तो 15% डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (डीडीटी) देना होगा। डिविडेंड की रकम 10 लाख से ज्यादा है तो उसे उस पर 10% अलग से टैक्स देना पड़ेगा। इस डिविडेंड पर 3 बार टैक्स लगने लगा है।
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