नई दिल्ली । आज क्रिकेट इतिहास में सबसे मानतम बल्लेबाजों में एक पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अनवर का आज जन्मदिन है । आज 50 साल के हो गए अनवर के बारे में बोला जाता था कि वो एक ऐसी गेंद को भी मिडविकेट पर उछाल कर 6 लगा सकते थे, जिसे ऑफ़स्टंप के बाहर डाला गया हो। अनवर की टाइमिंग्स और तेजी से रन बनाने की क्षमता के कारण लोगों के पसंदीदा बल्लेबाज बने अनवर।का बल्ला भारत के खिलाफ खूब बोलता था । उन्हें 1997 में विजडन क्रिकेटर ऑफ़ द इयर के लिए नामित किया गया था।1997 में चेन्नई में भारत के खिलाफ 194 रनों की पारी किसे नहीं याद होगी ? यह एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में किसी खिलाडी के द्वारा बनाया गया उच्चतम स्कोर था।यह रिकॉर्ड वनडे इतिहास में 13 साल तक सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के रूप में काबिज रहा ।
सचिन ने तोड़ा था रिकॉर्ड
2010 में सचिन तेंदुलकर ने नाबाद 200 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर न सिर्फ सईद अनवर का रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि इसके साथ ही उन्हें दुनिया का पहला ODI में दोहरा शतक लगाने का भी गौरव हासिल हुआ । पाकिस्तान के कराची में जन्मे सईद अनव पाकिस्तान के ओपनिंग बल्लेबाज हैं जो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते थे।
13 साल लंबा चला अनवर का क्रिकेट करियर
सईद अनवर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर 13 साल (1990-2003) का रहा, लेकिन 2001 का मुल्तान टेस्ट इस पाकिस्तानी बल्लेबाज के लिए आखिरी टेस्ट साबित हुआ। इस टेस्ट में शतक जमाने के बाद उन्होंने दोबारा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला।उन्होंने तब 101 रन बनाए थे । जो उनका 11वां और आखिरी शतक साबित हुआ। मुल्तान टेस्ट में शतक लगाने के दो दिन बाद ही उनकी साढ़े तीन साल की बेटी बिस्माह की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई।
दुखों में डूबा यह बाप फिर कभी टेस्ट नहीं खेल पाया ।
बेटी की मौत के बाद बढ़ाई दाढ़ी
सईद अनवर पाकिस्तान की वनडे टीम में अंदर-बाहर होते रहे। 2003 वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत के खिलाफ एक शानदार शतक जमाया, लेकिन पाकिस्तान वह मैच हार गया । अनवर ने वह शतक अपनी दिवंगत बेटी को समर्पित किया था । अपनी बेटी की असामयिक मौत के बाद अनवर का झुकाव धर्म की ओर हो गया और उसके बाद ही उन्होंने अपनी दाढ़ी बढ़ा ली।
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