Wednesday, August 15, 2018

INDEPENDENCE DAY SPECIAL: 5 भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने इस साल दुनिया में बढ़ाया देश का मान

नई दिल्ली। खेल के छेत्र में भारत लगातार अच्छा कर रहा है, भारत का कामनवेल्थ खेलों में शानदार प्रदर्शन हो या महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में टीम का फाइनल में पहुंचना। इस साल कामनवेल्थ खेलों में भारत का प्रदर्शन आज तक के उसके प्रदर्शन में सबसे बढ़कर था हलाकि वह दिल्ली कामनवेल्थ खेलों से अधिक मेडल जीतने में कामयाब नहीं रहा था फिर भी अलग पैमानों जैसे- विदेश में प्रदर्शन, अधिक खेलों में मेडल ने भारत के इस साल के प्रदर्शन को सबसे बेहतर बनाया। कामनवेल्थ खेलों, एशियाई खेलों और ओलम्पिक खेलों का प्रदर्शन किसी भी देश के लिए खेल के छेत्र में काबिलियत का आईना होता है। भारत इस लिहाज से तरक्की पर है। सब मिलाकर आज इंडिपेंडेंस डे के शुभ अवसर पर हम ऐसे 5 खिलाड़ियों की चर्चा करेंगे जिन्होंने खेल के अलग-अलग मैदानों पर भारत का नाम दुनिया में बढ़ाया है।


1. राहुल द्रविड़ (क्रिकेट)
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ ने दुनिया भर में उस समय देश का नाम बढ़ाया जब इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल के हॉल ऑफ फेम 2018 में उनका नाम जोड़ा गया। इस साल जुलाई में उनको यह सम्मान मिला, इससे पहले केवल चार भारतीय क्रिकेटर इस सम्मान को पा चुके हैं। यह चार खिलाड़ी बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, सुनील गावस्कर और अनिल कुंबले हैं। द्रविड़ की ही कोचिंग में भारतीय अंडर-19 टीम इस बार फरवरी में हुए वर्ल्ड कप को जीतने में कामयाब रही। क्रिकेट खेलते हुए और अब कोचिंग में राहुल- 'द वॉल ऑफ इंडिया' ने भारत का नाम दुनिया में उचाईयों पर पहुंचाया है।

 

2. हिमा दास (एथलेटिक्स)
इस साल जुलाई में भारत को खेल की दुनिया का नया हीरो मिला- हिमा दास। उन्होंने IAAF वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय एथलेटिक्स का सुनहरा इतिहास रच दिया। हिमा दास ट्रैक प्रतिस्पर्धा में पहली भारतीय एथलिट बनी जिन्होंने वर्ल्ड चैम्पियशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। असम के धान के खेतों से गोल्ड मेडल तक का सफर 18 साल की हिमा के लिए कोई आम कीर्तिमान नहीं था। इसके लिए देश ने अपनी सुनहरी बेटी को सोशल मीडिया के माध्यम से बहुत सम्मान भी दिया।


3. मनिका बत्रा (टेबल टेनिस)
2018 कामनवेल्थ खेलों में भारत की टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने देश का नाम बढ़ाया, उन्होंने इस बहुदेशीय खेल प्रतियोगिता में भारत को 4 मेडल दिलाए जिसमे 2 गोल्ड मेडल, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल था। उन्होंने विमेंस सिंगल्स और विमेंस टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता, विमेंस डबल्स में सिल्वर और मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस कामनवेल्थ खेल में चार मेडल जीतने वाली वह इकलौती भारतीय खिलाड़ी थीं। उनके इस गौरवान्वित कर देने वाले प्रदर्शन की तारीफ पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में भी की थी।


4. विराट कोहली (क्रिकेट)
विराट कोहली भारत के ऐसे दूसरे क्रिकेट खिलाड़ी बने जोकि ODI और टेस्ट रैंकिंग में एक साथ नंबर-1 पर पहुचें। इस एफेल सचिन तेंदुलकर यह मुकाम हासिल कर चुके हैं। इसके साथ ही विराट टेस्ट क्रिकेट बल्लेबाजी रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग अंक हासिल करने वाले बल्लेबाज भी बने। विराट को इस साल भारत में खेल के लिए मिलने वाले सबसे बड़े सम्मान खेल रत्न से भी सम्मानित किया गया।


5. नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो)
नीरज चोपड़ा ने 20 साल की उम्र में कई बड़े कीर्तिमान हासिल कर लिए हैं। वह इस साल 18 सितम्बर से होने वाले एशियाई खेलों में भारत के ध्वजवाहक होंगे। नीरज उस समय खबरों में आए जब उन्होंने 2016 में वर्ल्ड अंडर 20 चैंपियनशिप में जेवलिन 86.48 मीटर तक फेक गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही उनका यह थ्रो जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी था। 2018 में उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स मीट, सावो गेम्स और कामनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। भारत ने आजतक ओलंपिक्स में एथलेटिक्स में एक भी मेडल नहीं जीता है। वह भारत को यह पहला मेडल 2020 टोक्यो में दिला सकते हैं।


इन 5 खिलाड़ियों के अलावा भारतीय फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री , बैडमिंटन खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत, पीवी सिंधु, मीराबाई चानू, एमसी मैरी कॉम और भारतीय हॉकी टीम ने देश का मान बढ़ाने में कोई कमी नहीं रखी है।



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