नई दिल्ली । मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर द्वारा हाल ही में वनडे में दो नई गेंद इस्तेमाल करने के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियम को तबाही का साधन बताने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी सचिन की बात में हामी भरी है। सचिन की बात का समर्थन करते हुए कोहली ने शुक्रवार को कहा कि यह गेंदबाजों के लिए क्रूर स्थिति है।
सचिन का यह बयान हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच वनडे में बने सर्वोच्च स्कोर के बाद आया है। इंग्लैंड ने मंगलवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के तीसरे मैच में छह विकेट पर 481 रन का वनडे इतिहास का सर्वोच्च स्कोर बनाया था।
अगले मैच में आस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर 312 रन का विशाल स्कोर बनाया जिसे मेजबान टीम ने 44.4 ओवर में ही हासिल कर लिया।
सचिन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, "वनडे में दो नई गेंदों का इस्तेमाल तबाही का साधन जैसा है। गेंद को इतना समय ही नहीं मिल पाता है कि रिवर्स स्विंग मिल सके। हमने डैथ ओवरों में काफी समय से रिवर्स स्विंग नहीं देखी है।"
आईसीसी ने अक्टूबर 2011 में ही वनडे में दो नई गेंदों का प्रयोग शुरू किया था।
कोहली ने आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे पर रवाना होने से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह गेंदबाजों के लिए काफी क्रूर है।
भारतीय कप्तान ने कहा, "मैंने दो नई गेंदों के बारे में चल रही बहस के बारे में पढ़ा है। मैं इस बात से सहमत हूं कि यह गेंदबाजों के लिए काफी क्रूर है। इसके कारण गेंदबाजों की तरफ से आक्रामक क्रिकेट का हिस्सा कम रह गया है। मैंने वनडे क्रिकेट तब खेली है जब सिर्फ एक गेंद का इस्तेमाल हुआ करता था और दूसरे हाफ में रिवर्स स्विंग बहुत बड़ा कारण होती थी। ईमानदारी से कहूं तो दो गेंदों से गेंदबाजी करना गेंदबाजों के लिए काफी मुश्किल है।"
इस मामले में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार युनूस ने सचिन का समर्थन किया है।
उन्होंने लिखा, "यही वजह है कि अब आक्रामक तेज गेंदबाज नहीं निकलते। सभी रक्षात्मक खेलते हैं। सचिन की बातों से पूर्ण रूप से सहमत हूं। रिवर्स स्विंग लुप्त ही हो गई है।"
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