
पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रणब मुखर्जी गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बन रहे हैं। कांग्रेस नेताओं में इस फैसले को लेकर नाखुशी देखने को मिल रही है। हालांकि, ये कोई पहली बार नहीं हो रहा है। राजनीति में ऐसे मौके कई बार देखने को मिलते हैं, जब नेता कट्टर विरोधी विचारधारा वाले लोगों के भी साथ खड़े दिखे। शायद यही वजह रही कि नरेंद्र मोदी पर भी सरकार वल्लभभाई पटेल की विचारधारा को कांग्रेस से छीनने के आरोप लगे। जबकि पटेल वही लीडर हैं, जिन्होंने कभी संघ पर रोक लगाई थी।
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